ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात)

 ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) के कारण और लक्षण

ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त होने लगती हैं या मर जाती हैं। यह एक गंभीर चिकित्सा आपातकाल है जिसमें तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।

ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य कारण:

ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) के कारण और लक्षण
  1. इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke - 80% मामले):

    • मस्तिष्क की धमनी में रक्त का थक्का (क्लॉट) जमने के कारण रक्त प्रवाह रुक जाता है।

    • उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, धूम्रपान और हृदय रोग इसके प्रमुख कारण हैं।

  2. हेमोरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke - 20% मामले):

    • मस्तिष्क की कोई धमनी फट जाती है, जिससे मस्तिष्क में रक्तस्राव होता है।

    • उच्च रक्तचाप, धमनीविस्फार (aneurysm), या चोट लगने से ऐसा हो सकता है।

  3. क्षणिक इस्केमिक अटैक (TIA - Mini Stroke):

    • यह अस्थायी रक्त प्रवाह की कमी है, जो कुछ मिनटों तक रहती है।

    • यह पूर्ण स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

ब्रेन स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण (FAST के अनुसार):

  • F (Face - चेहरा): चेहरे का एक तरफ लटक जाना या मुस्कुराने में असमर्थता।

  • A (Arm - हाथ): एक हाथ में कमजोरी या सुन्न होना, उठाने में दिक्कत।

  • S (Speech - बोलने में दिक्कत): बोलने में असंगति या समझने में परेशानी।

  • T (Time - समय): अगर ये लक्षण दिखें, तुरंत अस्पताल जाएँ।

अन्य लक्षण:

  • अचानक तेज सिरदर्द (जैसे "सबसे खराब सिरदर्द")।

  • चक्कर आना, संतुलन खोना या चलने में दिक्कत।

  • एक या दोनों आँखों से धुंधला या काला दिखाई देना।

  • बेहोशी या भ्रम की स्थिति।

शरीर को होने वाली हानि:

  • लकवा (पैरालिसिस): शरीर के एक हिस्से (जैसे चेहरा, हाथ या पैर) में कमजोरी या सुन्नता।

  • बोलने या निगलने में दिक्कत।

  • याददाश्त कमजोर होना या सोचने में परेशानी।

  • मूत्र या मल पर नियंत्रण न रहना।

  • भावनात्मक समस्याएँ (डिप्रेशन, मूड स्विंग)।

तुरंत क्या करें?

  • तुरंत एमरजेंसी सेवा (108/102) को कॉल करें।

  • रोगी को सीधा लिटाएँ, सिर को थोड़ा ऊँचा रखें।

  • कुछ खाने-पीने को न दें (गला अटक सकता है)।

ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) के कारण और लक्षण
बचाव के उपाय:

  • नियमित ब्लड प्रेशर और शुगर चेक करें।

  • धूम्रपान और शराब से परहेज करें।

  • संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें।

  • तनाव कम करने की कोशिश करें।

यदि समय पर इलाज मिल जाए, तो स्ट्रोक से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। इसलिए "समय = मस्तिष्क", देरी न करें!

अगर आपको या किसी प्रियजन को ये लक्षण दिखें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

Comments

Popular posts from this blog

भारत में शुगर को लेकर मिथ्या बातें(Myth) और सही तथ्य